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Showing posts from August, 2020

21अगस्त को हरितालिका व्रत पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला व्रत है 'हरितालिका तीज' व्रत

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सुहागिनों के अखण्ड सौभाग्य का रक्षक - हरितालिका व्रत (तीज) पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला व्रत 'हरितालिका तीज' 21 अगस्त को है।  '    के अनुसार भाद्रपद शुक्ल तृतीया को हरतालिका का व्रत किया जाता है। इस बार यह व्रत उ.फा.नक्षत्र तथा सिद्ध योग में मानया जायेगा।  है। विवाहित महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं और अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की कामना के लिए भी इस व्रत को रखती है। जिस त्याग-तपस्या और निष्ठा के साथ स्त्रियाँ यह व्रत रखती हैं, वह बड़ा ही कठिन है। इसमें फलाहार- सेवन की बात तो दूर रही, निष्ठावाली स्त्रियाँ जलतक ग्रहण नही करतीं।   तृतीया तिथि गुरुवार20अगस्त को रात्रि  2: 14बजे से लग जाएगी जो शुक्रवार 21अगस्त  के रात्रि में 11 बजकर 2 मिनट तक रहेगी। उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जायेगी।  चतुर्थी से युक्त तृतीया(हरितालिका) वैधव्यदोष नाशक तथा पुत्र-पौत्रादि को बढ़ाने वाली होती है। इसीलिए इस वर्ष हरितालिका व्रत शुक्रवार  21अगस्त को मनाया जायेगा।  हरितालिका तीज का मुहूर्त शाम 7:10 बजे से रात 09:15 बजे तक है।    'शास्त्र में इस व्रत के लिए सधवा, वि

अष्टचिरंजीवी कौन-कौन हैं?:कहानी उन लोगों की जो हमेशा जीवित रहेंगे, कोई वरदान तो कोई शाप के कारण कभी मरेगा नहीं, ग्रंथों में हैं 8 ऐसे पात्र जो अमर हैं

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अष्टचिरंजीवी कौन-कौन हैं?:कहानी उन लोगों की जो हमेशा जीवित रहेंगे, कोई वरदान तो कोई शाप के कारण कभी मरेगा नहीं, ग्रंथों में हैं 8 ऐसे पात्र जो अमर हैं हनुमानजी को माता सीता ने दिया था अजर-अमर होने का वरदान, रावण के भाई विभीषण भी हैं अष्टचिरंजीवियों में शामिल अष्टचिरंजीवी यानी 8 पात्र जो हमेशा जीवित रहेंगे और इन्हें कभी बुढ़ापे का सामना नहीं करना पड़ेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा ने बताया कि रोज सुबह अष्टचिरंजीवियों के नाम का जाप करने की परंपरा है। इस संबंध में मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों को लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन मिलता है। ये है अष्टचिरंजीवियों से संबंधित श्लोक अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनूमांश्च विभीषण:। कृप: परशुरामश्च सप्तएतै चिरजीविन:॥ सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।। इस श्लोक की शुरू की दो पंक्तियों का अर्थ यह है कि अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और परशुराम ये सात चिरंजीवी हैं। इसके बाद अगली पंक्तियों का अर्थ यह है कि इन सात के साथ ही मार्कडेंय ऋषि के नाम का जाप करने से व्यक्ति निरोगी रहता है

16 अगस्त को मेष राशि में प्रवेश करेगा ग्रहो के सेनापति मंगल; इससे देश में कई विरोध, उपद्रव और हिंसा बढ़ सकती है, बड़ी हस्ती के निधन की भी आशंका है

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16 अगस्त को मेष राशि में प्रवेश करेगा ग्रहो के सेनापति मंगल; इससे देश में कई विरोध, उपद्रव और हिंसा बढ़ सकती है, बड़ी हस्ती के निधन की भी आशंका है Add caption

इन 6 उपायों को अपनाने से दूर हो सकते हैं कुंडली के ग्रह दोष

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इन 6 उपायों को अपनाने से दूर हो सकते हैं कुंडली के ग्रह दोष आपकी कुंडली में अगर ग्रह दोष है तो आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं. ग्रह दोष को खत्म करने के लिए कुछ उपाए किए जाते हैं. हालांकि ग्रह दोषों को खत्म करने के लिए कुंडली का अध्ययन करना जरूरी होता है. लेकिन कुछ उपाय बिना कुंडली देखे ही किए जा सकते हैं (1)हर महीने की पूर्णिमा की रात को चंद्रदेव को जल चढ़ाने से कुंडली में चंद्रमा के दोष दूर हो जाता है. (2)महीने में अमावस्या तिथि की पर पीपल की पूजा करें. इस उपाय से कुंडली में मौजूद शनि, राहु-केतु के दोष दूर होते हैं. (3)जल और दूध को पीतल के पात्र में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाने से कुंडली दोष समाप्त होते हैं. (4)मंगलवार के दिन मसूर की दाल का दान करने से कुंडली से मंगल दोष खत्म होते हैं. मंगल दोष दूर होने पर व्यक्ति के भूमि और मकान से जुड़ी हुई परेशानियां समाप्त हो जाती हैं. (5)अगर कुंडली में बुध ग्रह से संबंधित दोष है तो हर बुधवार को गणेशजी को दूर्वा घास अर्पित करें. (6)अगर कुंडली मं गुरु ग्रह से संबंधित दोष है तो हर गुरुवार को भगवान विष्णु को केले  का भोग लगाए पवन देव शर्मा ज्योतिष अध्ययनरत