16 अगस्त को मेष राशि में प्रवेश करेगा ग्रहो के सेनापति मंगल; इससे देश में कई विरोध, उपद्रव और हिंसा बढ़ सकती है, बड़ी हस्ती के निधन की भी आशंका है

16 अगस्त को मेष राशि में प्रवेश करेगा ग्रहो के सेनापति मंगल; इससे देश में कई विरोध, उपद्रव और हिंसा बढ़ सकती है, बड़ी हस्ती के निधन की भी आशंका है
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मंगल ग्रह आमतौर पर 45 दिन में राशि बदल लेता है, लेकिन इस बार इसे अगली राशि तक जाने में लगेगा 6 महीने से ज्यादा समय

16 अगस्त को मंगल अपनी ही राशि यानी मेष में आ जाएगा। इससे पहले ये ग्रह 18 जून को मीन राशि में आया था। अब अगले महीने 10 सितंबर को वक्री होकर 4 अक्टूबर को वापस मीन राशि में आ जाएगा। काशी के ज्योतिष प.पवनदेव शर्मा का कहना है कि मंगल के अपनी ही राशि में आ जाने से देश के पश्चिमी एवं उत्तरी भागों में बारिश बढ़ सकती है। इनके अलावा अन्य जगहों पर कहीं ज्यादा बारिश और कहीं बहुत कम बारिश होगी। इसके साथ ही देश में महंगाई बढ़ सकती है। कुछ दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। देश में तनाव और उपद्रव बढ़ने की आशंका भी है। देश के उत्तरी राज्यों में छिट-पुट हिंसा और विरोध भी हो सकता है।

मंगल के मेष राशि में आने के बाद उस पर बृहस्पति की दृष्टि भी रहेगी। ग्रहों की ये स्थिति कुंभ और मिथुन राशि वालों के लिए शुभ रहेगी। वृश्चिक और कर्क राशि वालों के लिए समय सामान्य रहेगा। वहीं मेष, मीन, मकर, धनु, तुला, कन्या, सिंह और वृष राशि वाले लोगों को संभलकर रहना होगा।
45 दिन नहीं 6 महीने बाद वृष राशि में पहुंचेगा मंगल

पं शर्मा  ने बताया कि मंगल ग्रह आमतौर पर 45 दिन में राशि बदल लेता है। लेकिन इस बार इसे अगली राशि यानी वृष तक जाने में 6 महीने से ज्यादा समय लगेगा। 16 अगस्त से मंगल मेष राशि में रहेगा। 10 सितंबर को मेष में ही वक्री हो जाएगा। इसके बाद वक्री रहते हुए 4 अक्टूबर को वापस मीन में आ जाएगा। फिर 14 नवंबर को मीन में ही मार्गी हो जाएगा। फिर 23 दिसम्बर को मेष में आ जाएगा। इसके बाद फरवरी 2021 में वृषभ राशि मे प्रवेश करेगा।

मंगल पर  बृहस्पति की दृष्टि
पं पवन देव शर्मा के अनुसार मेष राशि में मंगल के आने  उस पर बृहस्पति की पांचवी दृष्टि रहेगी। जिसके प्रभाव से देश के पश्चिम और उत्तर के राज्यों में विघटनकारी शक्तियां सक्रिय हो सकती हैं। सामाजिक तनाव और उपद्रव का योग बन रहा है। बाहरी दुश्मनों का दखल देश में बढ़ सकता है। राष्ट्रीय आय में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। संसाधनों में विकास का योग बन रहा है। कुछ नए चेहरे आकर्षण के केन्द्र भी बनेंगे। राष्ट्रीय हित विचार और मंथन बढ़ेगा।

10 सितम्बर को मंगल के वक्री होने पर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व्यक्तित्व के निधन की आशंका है। आतंकवाद बढ़ने की आशंका भी है। देश के उत्तरी हिस्सों में उथल-पुथल होने के योग बन रहे हैं। राजनैतिक क्षेत्र में अस्थिरता बनी रहेगी। यान दुर्घटना बढ़ सकती है। दक्षिणी समुद्री तट की ओर से राष्ट्रीय आय कम हो सकती है, लेकिन खाद्य पदार्थ बढ़ेंगे। कुछ राजनेता आंतरिक षडयंत्र के शिकार हो सकते हैं। इसके बाद 4 अक्टूबर को फिर से मीन राशि में मंगल के आ जाने के बाद से देश के दुश्मन कमजोर होंगे।
पवन देव शर्मा ज्योतिष अध्ययनरत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी

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